सीतापुर (उत्तर प्रदेश):जनपद की धर्मधरा सोमवार को 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के उल्लास से सराबोर नजर आई। भक्ति और शक्ति के इस अनूठे संगम में हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा जंगलीनाथ के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की। पुलिस लाइन से प्रारंभ होकर बाबा जंगलीनाथ मंदिर तक निकली भव्य कलश यात्रा में जनशक्ति और प्रशासन का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। समूचा मार्ग 'हर-हर महादेव' और 'बाबा जंगलीनाथ' के जयकारों से गुंजायमान रहा। सनातन संस्कृति के प्रति जनमानस का उत्साह इतना प्रेरणादायी था कि समूचा मार्ग भक्तिमय हो गया।
सत्ता और शासन ने एक साथ नवाया शीश
इस धार्मिक अनुष्ठान में राजनीति और प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ियों ने एक साथ सहभागिता की। नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर 'गुरु', नगर पालिका परिषद सीतापुर की अध्यक्ष नेहा अवस्थी, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष मुनेंद्र अवस्थी और भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ल ने बाबा के दरबार में मत्था टेका। आस्था के इस समागम में प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह सक्रिय रहा। जिलाधिकारी राजा गणपति आर, सीडीओ डॉ. दीक्षा जोशी, अपर जिलाधिकारी नीतीश कुमार सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट मिनाक्षी पांडे ने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि कार्यक्रम की गरिमा भी बढ़ाई।
मातृशक्ति का दिखा अटूट उत्साह
कलश यात्रा में भारी संख्या में मातृशक्ति ने सहभागिता की। सिर पर मंगल कलश धारण कर चल रही महिलाएं भक्ति गीतों पर झूमती नजर आईं। पंडित आशीष शास्त्री की मौजूदगी में संपन्न हुए इस अनुष्ठान ने जिले में सांस्कृतिक गौरव की एक नई मिसाल पेश की है। कलश यात्रा के दौरान हर श्रद्धालु क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए बाबा से आशीर्वाद मांगता नजर आया।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा, सुगम हुए दर्शन
सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा, जिससे हजारों की संख्या में पहुंची मातृशक्ति और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन प्राप्त हुए। अधिकारियों ने स्वयं कमान संभालकर यह सुनिश्चित किया कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। प्रशासन और जनशक्ति के इस संगम से सनातन संस्कृति की भव्यता निखर उठी, जिसकी चर्चा पूरे जनपद में हो रही है।
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