सीतापुर(उत्तर प्रदेश):सड़क हादसों में सिर की चोट के कारण होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारीडॉ राजा गणपति आर. के निर्देश पर शुक्रवार से जिले में 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' अभियान का आगाज हुआ। अब 15 मई तक पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट तेल नहीं मिलेगा। पहले दिन परिवहन विभाग की टीम ने सघन चेकिंग कर नियम तोड़ने वालों को कड़ा सबक सिखाया।
पंपों पर मुस्तैद रही टीम, बिना हेलमेट तेल देने पर पाबंदी
एआरटीओ प्रशासन सर्वेश चतुर्वेदी के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीमों ने शुक्रवार सुबह से ही नगर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर मोर्चा संभाल लिया। टीम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पंप संचालक बिना हेलमेट पहने बाइक सवार को ईंधन न दे। इस दौरान कई बाइक सवार पंपों पर पहुंचे तो जरूर, लेकिन हेलमेट न होने के कारण उन्हें तेल नहीं मिला और बैरंग वापस लौटना पड़ा।
सड़क पर चला हंटर: 91 का चालान, मॉडिफाइड बाइक सीज
अभियान के पहले ही दिन विभाग की कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप मचा रहा। एआरटीओ ने बताया कि चेकिंग के दौरान 91 बाइक चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई। वहीं, शांति भंग करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग करने पर एक बाइक को सीज कर दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अभियान में पीटीओ एम ए आब्दीन ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
278 चालकों को दी नसीहत
कार्यवाही के साथ-साथ विभाग ने जागरूकता का मोर्चा भी खुला रखा। टीम ने 278 बाइक सवारों को रोककर उन्हें हेलमेट की अहमियत समझाई। एआरटीओ ने बताया कि हेलमेट केवल सिर को गंभीर चोट से ही नहीं बचाता, बल्कि ड्राइविंग के दौरान संतुलन बनाने में भी मददगार है। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि बिना हेलमेट वाहन चलाने पर धारा 94(डी) के तहत 1000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
0 टिप्पणियाँ