ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आवाहन पर एकजुट हुए स्थानीय विक्रेता
बिसवां,सीतापुर(उत्तर प्रदेश) ऑनलाइन फार्मेसी और बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों की मनमानी के खिलाफ क्षेत्र के दवा व्यापारियों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के राष्ट्रव्यापी आवाहन पर बिसवां कस्बे के दवा व्यापारियों ने आगामी 20 मई को अपनी दुकानें पूर्णतया बंद रखने का निर्णय लिया है। मेडिकल एसोसिएशन बिसवां की बैठक में व्यापारियों ने एकजुटता का संकल्प लेते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
मरीजों की सुरक्षा और सेहत से खिलवाड़
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेडिकल एसोसिएशन बिसवां के अध्यक्ष सुनीत अग्रवाल ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी के माध्यम से बिना किसी उचित नियंत्रण और नियमों के दवाओं की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के भी दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इससे न सिर्फ दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ भी गंभीर खिलवाड़ हो रहा है।
छोटे दवा व्यापारियों पर आर्थिक संकट
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि कॉरपोरेट कंपनियों के इस अनुचित हस्तक्षेप के कारण वर्षों से क्षेत्र में ईमानदारी से व्यापार कर रहे छोटे और मंझले दवा व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों ने सरकार से पुरजोर मांग की कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल सख्त नियम लागू किए जाएं और केवल पंजीकृत पारंपरिक फार्मेसियों को ही दवा बेचने की अनुमति दी जाए, ताकि स्थानीय रोजगार और मरीजों की सुरक्षा दोनों कायम रह सके।
दुकानें बंद रख दर्ज कराएंगे विरोध
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि 20 मई को कस्बे की सभी दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान आवश्यक दवाओं की किल्लत से निपटने और रणनीति को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में मुख्य रूप से बृजेश वर्मा, मनोज मंगल, कमलेश वर्मा, पप्पू जमा और विजय अवस्थी सहित भारी संख्या में स्थानीय दवा विक्रेता और फार्मासिस्ट उपस्थित रहे।
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