सीतापुर(उत्तर प्रदेश):मई का अंतिम सप्ताह भीषण गर्मी के रूप में कहर बनकर टूट रहा है। रविवार को ही जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 25 मई से शुरू हो रहा 'नौतपा' आम जनजीवन के लिए बड़ी चुनौती बनने वाला है। इस दौरान तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू सकता है, जिससे लू के थपेड़ों और उमस का प्रकोप बढ़ना तय है।
नौतपा का कहर: कब और क्यों ?
नौतपा यानी 25 मई से 2 जून तक का वह कालखंड, जब सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं। मान्यता है कि नौतपा जितना अधिक तपता है, मानसून में बारिश उतनी ही अच्छी होती है। हालांकि, इस बार यह तपिश जनस्वास्थ्य के लिए मुसीबत बन रही है। दिन की शुरुआत से ही तीखी धूप लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर रही है और रात में भी गर्म हवाएं चैन नहीं लेने दे रही हैं।
स्वास्थ्य पर खतरा: इन लोगों को रहना होगा विशेष सतर्क
जिला चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. अनुपम मिश्र ने स्पष्ट किया है कि आगामी नौ दिनों के दौरान बरती गई थोड़ी सी भी लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को न्यौता दे सकती है। गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को चिलचिलाती धूप में बाहर निकलने से बचने की सख्त सलाह दी गई है।
बचाव ही उपचार: ये बरतें सावधानियां
भीषण गर्मी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
खान-पान में सावधानी-तले-भुने पदार्थों से पूरी तरह परहेज करें। तरबूज, खरबूज और खीरा जैसे फलों का सेवन करें, लेकिन इन्हें बाजार से लाने के बाद कम से कम आधे घंटे पानी में रखें।
हाइड्रेशन- शरीर में पानी की कमी न होने दें। दिन भर में कम से कम पांच से सात लीटर पानी जरूर पिएं।
धूप से बचाव- दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें। यदि निकलना जरूरी हो, तो सिर को अच्छी तरह ढंककर रखें।
तापमान का अंतर:-तेज धूप से तुरंत आने के बाद फ्रिज का ठंडा पानी पीने से बचें, यह शरीर पर बुरा असर डाल सकता है।
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