सीतापुर(उत्तर प्रदेश):जनपद में जघन्य अपराधों की शिकार महिलाओं और उनके मासूम बच्चों को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। मंगलवार को एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. की अध्यक्षता में जिला संचालन समिति की बैठक हुई। इसमें रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के तहत लंबित 37 प्रकरणों के निस्तारण पर मंथन किया गया। डीएम ने सख्त निर्देश दिए कि पॉक्सो एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म के पीड़ितों को क्षतिपूर्ति दिलाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
पुलिस और मेडिकल स्तर पर न हो देरी
जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान पाया कि कुछ मामलों में पुलिस रिपोर्ट और मेडिकल रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक के प्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि धारा 376घ और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों की कागजी कार्यवाही को प्राथमिकता पर पूरा कर समिति को भेजा जाए।
अनाथ बच्चों के भविष्य का रखा जाएगा ख्याल
बैठक में दहेज हत्या के मामलों में मां को खो चुके नाबालिग बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करने पर विशेष जोर दिया गया। डीएम ने कहा कि ऐसे बच्चों के आवेदन तत्काल पूर्ण कराए जाएं ताकि उन्हें शासन की ओर से तय मुआवजा मिल सके। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को इन मामलों की स्वयं मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी।
जल्द होगा भुगतान
डीएम ने स्पष्ट किया कि जिला संचालन समिति के स्तर पर जो भी फाइलें लंबित हैं, उनका निस्तारण युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने संयुक्त निदेशक अभियोजन और अग्रणी बैंक प्रबंधक को निर्देशित किया कि समन्वय स्थापित कर पीड़ितों के बैंक खातों में सहायता राशि भेजने की प्रक्रिया को सुगम बनाया जाए।
अधिकारी रहे उपस्थित
आयोजित बैठक में पुलिस अधीक्षक महोदय (प्रतिनिधि), मुख्य चिकित्सा अधिकारी, संयुक्त निदेशक अभियोजन, अग्रणी बैंक प्रतिनिधि, नोडल मेडिकल ऑफिसर उपस्थित रहे।
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