खैराबाद,सीतापुर (उत्तर प्रदेश): शैक्षिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए गुरुवार को खैराबाद स्थित भूमिजा प्रेक्षागृह में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर.ने एकेडमिक रिसोर्स पर्सन और एसआरजी को संबोधित करते हुए कहा कि वे केवल पर्यवेक्षक नहीं, बल्कि जिले के अकादमिक लीडर हैं। उन्होंने विद्यालयों के भौतिक परिवेश को सुधारने और शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए एआरपी को मध्यम श्रेणी के स्कूल गोद लेने का आह्वान किया।
चुनौतियों का समाधान और एआई का प्रयोग
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में विद्यालय भ्रमण के दौरान आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों पर मंथन किया गया। खास तौर पर मल्टीग्रेड कक्षाओं(एक साथ कई कक्षाओं का संचालन) के प्रबंधन और डेटा के सही इस्तेमाल पर चर्चा हुई। शिक्षकों तक विभागीय प्राथमिकताओं को पहुंचाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पोस्टरों के माध्यम से नई रणनीति तैयार की गई ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान सरल और प्रभावी हो सके।
एआरपी गोद लेंगे स्कूल, होगी त्रैमासिक समीक्षा
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक एआरपी जनपद के मध्यम श्रेणी वाले विद्यालयों को गोद लें और उन्हें 'निपुण' बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करें। इन गोद लिए गए स्कूलों की प्रगति की त्रैमासिक समीक्षा खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से की जाएगी। डीएम ने स्पष्ट किया कि शिक्षक डायरी, निपुण तालिका और साप्ताहिक असेसमेंट ट्रैकर का नियमित उपयोग ही शिक्षा में वास्तविक बदलाव लाएगा।
सहयोगात्मक पर्यवेक्षण पर जोर
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने कार्यशाला के समापन पर सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एआरपी और एसआरजी के साझा प्रयासों से ही जनपद निपुण लक्ष्यों को समय से प्राप्त कर सकेगा। कार्यशाला में निपुण सेल, जिला समन्वयकों और एसआरजी टीम ने उपचारात्मक शिक्षण और डेटा आधारित योजना निर्माण पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन जिला व्यायाम शिक्षक राज शर्मा द्वारा किया गया।
0 टिप्पणियाँ