बिसवां, सीतापुर(उत्तर प्रदेश)विकास खंड बिसवां सभागार में 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के सम्मान में एक भव्य 'सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह' का आयोजन किया गया। इस भावपूर्ण विदाई समारोह में उनकी दीर्घकालिक सेवाओं और समाज के प्रति उनके समर्पण की सराहना की गई।
सम्मानित किया गया:
मुख्य सेविका निर्मला,कार्यकत्री एवं सहायिकाएं अरुणा मिश्रा, सिद्धेश श्रीवास्तव, चंद्रकली, शिव कुमारी, तपेश्वरी अवस्थी, नीलम सिंह, सुशीला देवी, कमलावती, विभा देवी और कमला शुक्ला।
समाज की 'मां यशोदा' हैं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां
बाल विकास परियोजना अधिकारी हरीश मौर्य ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां समाज में बच्चों और महिलाओं के सर्वांगीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने उनकी तुलना "मां यशोदा" से करते हुए कहा कि जिस प्रकार उन्होंने केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, संस्कार और अनौपचारिक शिक्षा दी है, वह अतुलनीय है।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बने अनुभव
मुख्य सेविका सुहैला अख्तर, बीना वर्मा और शीतल सहित अन्य वक्ताओं ने सेवानिवृत्त हो रही महिलाओं के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यकत्रियों का दशकों का अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक का काम करेगा। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए जमीनी कार्यों की सभी ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
भावुक क्षणों के साथ साझा किए अनुभव
समारोह के अंत में सेवानिवृत्त होने वाली कार्यकत्रियों ने अपनी सेवा यात्रा के दौरान आए खट्टे-मीठे अनुभवों को साझा किया, जिसे सुनकर कई उपस्थित लोग भावुक हो उठे। कार्यक्रम में मंजू सिंह, संगीता, सोनी, आराधना और आकांक्षा सिंह सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कर्मचारी उपस्थित रहे।
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