सीतापुर(उत्तर प्रदेश): राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री आशीष जैन के मार्गदर्शन में शुक्रवार को सचिव आलोक यादव ने स्टॉप सेंटर प्रथम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सचिव ने केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और वहां रह रही बालिकाओं को मिलने वाली सुविधाओं की गहनता से पड़ताल की।
साफ-सफाई और रजिस्टर मेंटेनेंस पर जोर
निरीक्षण के समय ड्यूटी रोस्टर के अनुसार समस्त स्टाफ मौके पर उपस्थित मिला। शेल्टर होम में सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, हालांकि सचिव आलोक यादव ने कर्मचारियों को स्वच्छता के मानकों में और सुधार करने तथा अत्यधिक सफाई पर ध्यान देने के कड़े निर्देश दिए। वहीं, सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को हिदायत दी गई कि वे केंद्र में आने-जाने वालों का समय रजिस्टर में सही ढंग से अंकित करें और ड्यूटी में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतें।
बुनियादी सुविधाओं की कमी आई सामने
निरीक्षण के दौरान वन स्टॉप सेंटर की अधीक्षक ने सचिव को अवगत कराया कि केंद्र में वर्तमान में मेस की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस कारण वहां रह रही अपचारी बालिकाओं के लिए भोजन बाहर से टिफिन के जरिए मंगवाना पड़ता है। इसके अलावा, बिजली कटौती के दौरान केंद्र में जनरेटर की व्यवस्था न होने से बालिकाओं और स्टाफ को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
समय से बयान दर्ज कराने के निर्देश
सचिव ने वहां संचालित महिला कल्याण विभाग का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपस्थित अपचारियों को धारा-64 के तहत बयान दर्ज कराने हेतु बिना विलंब किए समय से न्यायालय ले जाया जाए, ताकि विधिक प्रक्रिया में तेजी आ सके।
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