"कोई चलता पद चिन्हों पर, कोई पद चिन्ह बनाता है, है वही सूरमा इस जग में, दुनिया में पूजा जाता है"
लखनऊ/सीतापुर(उत्तर प्रदेश): विधानसभा के सदन में आयोजित 'विकसित भारत युवा संसद' में सीतापुर के युवा वक्ता अमन कुमार त्रिपाठी ने अपने ओजस्वी भाषण से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक नगरी और राजा टोडरमल की धरती का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने देश के आर्थिक विकास और युवा सशक्तिकरण पर अपना मजबूत पक्ष रखा।
बजट मात्र आंकड़ा नहीं, समृद्धि का मार्ग है
अपने संबोधन में अमन त्रिपाठी ने कहा कि भारत का केंद्रीय बजट आज न केवल देश को समृद्ध कर रहा है, बल्कि पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका को भी संकट के समय में जीवन देने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का दूरदर्शी नेतृत्व देश को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बना रहा है।
हर हाथ को काम और आत्मनिर्भरता
महात्मा गांधी और दीनदयाल उपाध्याय के 'अंत्योदय' के सपनों का जिक्र करते हुए अमन त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान बजट युवाओं को केवल काम ही नहीं दे रहा, बल्कि उन्हें इस लायक बना रहा है कि वे दूसरों को रोजगार दे सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का युवा आज 'सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास' की भावना के साथ विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में जुटा है।
विकसित भारत की ओर बढ़ते कदम और युवा संकल्प
विधानसभा में अमन कुमार त्रिपाठी ने नेल्सन मंडेला के विचारों को साझा करते हुए कहा कि युवाओं को अवसरों की प्रतीक्षा करने के बजाय उन्हें अपनी सफलता में बदलना चाहिए। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने आत्मबल को पहचानें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती धमक का जिक्र करते हुए उन्होंने गर्व के साथ बताया कि सतत विकास सूचकांक में 67वें अंक के साथ भारत आज दुनिया के शीर्ष 100 देशों में अपनी धाक जमा रहा है। उनकी इस शानदार वैचारिक प्रस्तुति और उपलब्धि से पूरे सीतापुर जनपद में हर्ष और उत्साह का माहौल है।
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