#सीतापुर:पारंपरिक खेती बनाम अंतरराष्ट्रीय बाज़ार, किसानों को एक्सपोर्टर बनाने की प्रशासनिक कवायद

सीतापुर(उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के आम और बागवानी उत्पादों को अब वैश्विक पहचान दिलाने की कवायद तेज़ हो गई है। शुक्रवार को विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी की अध्यक्षता में उद्यान विभाग द्वारा एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले के प्रगतिशील किसानों, निर्यातकों और किसान उत्पादक संगठन, किसान उत्पादक कंपनी के निदेशकों को आम और अन्य फसलों के अंतरराष्ट्रीय निर्यात से जुड़ी बारीकियों और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।
 एपीडा रजिस्ट्रेशन और जैविक खेती पर ज़ोर
कार्यशाला की शुरुआत करते हुए जिला उद्यान अधिकारी ने जिले में निर्यात योग्य आम के उत्पादन की संभावनाओं का खाका रखा। किसानों को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण  की वेबसाइट पर अनिवार्य पंजीकरण  कराने के तरीके सिखाए गए। इसके साथ ही, पारंपरिक खेती से हटकर त्वरित जैविक रूपांतरण अपनाने और से सघन बागवानी के माध्यम से कम जगह में एक्सपोर्ट क्वालिटी का आम तैयार करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
साधारण बनाम बैगिंग तकनीक का अंतर
कृषि वैज्ञानिकों और निर्यात सलाहकारों ने किसानों को इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट के इस्तेमाल की सलाह दी। कार्यशाला में विशेष रूप से बताया गया कि एक साधारण आम के मुकाबले फल को विशेष कवर में ढकना से तैयार आम की मांग विदेशों में क्यों ज़्यादा है। इसके अलावा, फलों के रख-रखाव के लिए डिहाइड्रेशन तकनीक और उत्पादकता बढ़ाने के लिए सूक्ष्म पोषक तत्व के सही प्रयोग की तकनीकी जानकारी भी दी गई।
.'गुड एग्रीकल्चर प्रैक्टिसेज' के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी ने कहा कि सीतापुर में औद्यानिक फसलों की असीम संभावनाएं हैं, बस इन्हें सही मंच देने की ज़रूरत है। उन्होंने अधिकारियों और हितधारकों को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया पर सक्रिय किसान ग्रुप बनाए जाएं, ताकि 'गुड एग्रीकल्चर प्रैक्टिसेज'  और नए कृषि विचारों का आदान-प्रदान रियल-टाइम में हो सके।
कार्यशाला में एपीडा के आलोक कुमार, वरिष्ठ सलाहकार सतीश कुमार सिंह, केवीके कटिया के वैज्ञानिक डॉ. शुभम राठौर समेत खैराबाद के सत्यप्रकाश मिश्रा और महमूदाबाद के कुँवर प्रताप सिंह जैसे प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। अंत में उद्यान विभाग द्वारा सभी का धन्यवाद ज्ञापित कर सत्र का समापन किया गया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ