सीतापुर(उत्तर प्रदेश):जनपद में गौ संरक्षण के दावों की पोल मंगलवार को उस वक्त खुल गई जब जिलाधिकारी डॉ0 राजागणपति आर ने खैराबाद ब्लॉक के सरैंयासानी अस्थाई गौशाला का औचक निरीक्षण किया। गौशाला में चारों तरफ कीचड़ और बेहाल गोवंशों को देख जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और सचिव का वेतन रोकने के साथ ही निलंबन की दी चेतावनी।
कीचड़ देख सचिव और बीडीओ पर बिफरे डीएम
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को गौशाला में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं मिली। गोवंश कीचड़ के बीच खड़े मिले, जिस पर डीएम ने सचिव और खंड विकास अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिया कि जब तक कीचड़ का निस्तारण और अन्य व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक सचिव का वेतन जारी नहीं किया जाएगा। डीएम ने दो टूक कहा कि यदि दो दिन के भीतर हालात नहीं सुधरे तो सचिव फारा इकबाल को निलंबित कर दिया जाए।
पशुओं की टैगिंग में बड़ी लापरवाही
हैरानी की बात यह रही कि गौशाला में मौजूद पशुओं की टैगिंग तक नहीं की गई थी। सरकारी निर्देशों की अवहेलना पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए पैरावेट गंगाराम को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। डीएम ने वहां मौजूद भूसा भंडारण कक्ष, हरा चारा रजिस्टर और बीमार पशुओं के उपचार की स्थिति भी देखी। उन्होंने पशु चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कमजोर गोवंशों की हालत देख जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान कई गोवंश अत्यंत कमजोर पाए गए। डीएम ने केयर टेकरों से उनके मानदेय और पशुओं को मिलने वाले चारे के बारे में पूछताछ की। उन्होंने बीडीओ को निर्देशित किया कि वे स्वयं गौशाला का दौरा करें और सुनिश्चित करें कि पशुओं को पर्याप्त भोजन और चिकित्सा मिले।
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