#सीतापुर: मिड-डे मील में कीड़े मिलने का वीडियो वायरल, जिलाधिकारी ने बैठाई उच्च स्तरीय जाँच

लहरपुर ,सीतापुर (उत्तर प्रदेश) :सीतापुर जिले में बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ का एक कथित मामला सामने आया है। तहसील लहरपुर के एक कंपोजिट विद्यालय में दोपहर के भोजन (मिड-डे मील) में कीड़े मिलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।इस वीडियो के सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है जिलाधिकारी सीतापुर, डॉ. राजागणपति आर. ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से दो सदस्यीय उच्च स्तरीय जाँच समिति का गठन कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
7 मई 2026 को लहरपुर तहसील के अंतर्गत संचालित एक कंपोजिट विद्यालय में बच्चों को परोसे गए भोजन में कथित तौर पर कीड़े देखे गए। घटना का वीडियो इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी व्यक्त की जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह प्रकरण अत्यंत गंभीर प्रकृति का है, क्योंकि यह सीधे तौर पर बच्चों के स्वास्थ्य और शासन की महत्वपूर्ण 'मिड-डे मील' योजना की विश्वसनीयता से जुड़ा है।जाँच के लिए सख्त निर्देश
प्रशासन ने इस मामले में 'दूध का दूध और पानी का पानी' करने के लिए निम्नलिखित अधिकारियों की समिति बनाई है:
 1. उपजिलाधिकारी , लहरपुर
 2. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी , सीतापुर
समिति वीडियो की प्रामाणिकता और घटना की परिस्थितियों की गहनता से जाँच करेगी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा जाँच समिति को अपनी संयुक्त रिपोर्ट 8 मई 2026 की शाम तक अनिवार्य रूप से सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जिम्मेदारी और जवाबदेही
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने यह संकेत दिया है कि बच्चों की सेहत से समझौता करने वालों पर कड़ी गाज गिर सकती है अब सबकी नजरेंआने वाली जाँच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या यह वाकई एक बड़ी लापरवाही थी या इसके पीछे कोई और कारण है।
"उक्त खबर प्रशासनिक आदेश और जिलाधिकारी के ट्वीट पर आधारित है। 'वॉइस ऑफ सीतापुर' वायरल वीडियो के दावों की निजी तौर पर पुष्टि नहीं करता है।"

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