बिसवां,सीतापुर(उत्तर प्रदेश): ऑनलाइन फार्मेसी और इंटरनेट के जरिए दवाओं की अवैध बिक्री के विरोध में बुधवार को बिसवां नगर क्षेत्र के दवा व्यापारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के राष्ट्रव्यापी आवाहन पर नगर की सभी दवा दुकानें दोपहर 1 बजे तक पूरी तरह बंद रहीं। दवा विक्रेताओं ने स्थानीय पत्थर शिवाला परिसर में एकत्रित होकर एक विरोध सभा की और ऑनलाइन दवा व्यापार पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। इसके बाद मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनीत अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारियों ने तहसील पहुंचकर जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी आकांक्षा गौतम को सौंपा। हालांकि, जनहित और मरीजों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए दोपहर 1 बजे के बाद सभी दुकानें खोल दी गईं।
पत्थर शिवाला पर जुटी भीड़, ऑनलाइन बिक्री का विरोध
बुधवार सुबह से ही बिसवां नगर की दवा दुकानों के शटर गिरे रहे। मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले भारी संख्या में दवा व्यापारी पत्थर शिवाला परिसर में एकत्र हुए। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी के कारण न सिर्फ खुदरा दवा व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो रहा है, बल्कि बिना डॉक्टर के पर्चे के धड़ल्ले से बिकने वाली दवाओं से आम जनता के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है। व्यापारियों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए कड़े नियम व कानून लागू करने की पुरजोर वकालत की।
तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन, एसडीएम को दिया ज्ञापन
सभा समाप्त होने के बाद आक्रोशित दवा विक्रेताओं ने नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय की ओर कूच किया। मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनीत अग्रवाल की अगुवाई में व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल उपजिलाधिकारी आकांक्षा गौतम से मिला। व्यापारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपते हुए मांग की कि जनहित और दवा व्यवसाय की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन फार्मेसी पर तत्काल प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए। एसडीएम ने व्यापारियों की मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
जनहित का रखा ख्याल, दोपहर बाद खुलीं दुकानें
दवा कारोबारियों ने आंदोलन के दौरान मानवीय संवेदनाओं और मरीजों की जरूरतों का पूरा ख्याल रखा। एसोसिएशन के निर्णय के अनुसार, बंद का समय केवल दोपहर 1 बजे तक ही तय किया गया था ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को परेशानी न हो। जैसे ही घड़ी में 1 बजे, सभी दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानें खोल दीं और दवाओं की बिक्री सामान्य रूप से शुरू हो गई।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से कमलेश वर्मा, पप्पू जमा, विजय अवस्थी, रजत अग्रवाल, लवकुश वर्मा, आशीष गुप्ता, धीरेश अवस्थी, बृजेश वर्मा, नरेश श्याल, मुदस्सिर हुसैन, सौरभ स्याल, प्रशांत शर्मा सहित भारी संख्या में स्थानीय दवा विक्रेता और फार्मासिस्ट मौजूद रहे।
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