मिश्रिख,सीतापुर(उत्तर प्रदेश): मिश्रिख कोतवाली इलाके के मोहल्ला थोक वार्ड संख्या-3 में शुक्रवार दोपहर कथित धर्मांतरण की सूचना पर पुलिस ने एक किराए के मकान पर छापेमारी की। पुलिस ने मौके पर चल रही प्रार्थना सभा से संचालक समेत करीब 20-25 महिला-पुरुषों को हिरासत में लिया है। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं की शिकायत पर पुलिस द्वारा यह बड़ी कार्रवाई की गई है। मौके पर सीओ ब्रजेश कुमार सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।
इलाज का झांसा देकर धर्म परिवर्तन का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सभा के संचालक ने अपना नाम सुरेंद्र निवासी अमाना, बिहार बताया है, जो पिछले दस वर्षों से मिश्रिख में रह रहा था। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सुरेंद्र क्षेत्र के निर्धन और बीमार लोगों को इलाज का झांसा देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करता था। प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह ने बताया कि इस प्रार्थना सभा में मिश्रिख और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग शामिल थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है।
मकान खाली नहीं कर रहा था किराएदार
मकान मालिक महेंद्र यादव की पत्नी ने बताया कि उन्होंने किराएदार सुरेंद्र से कई बार मकान खाली करने को कहा था, लेकिन वह तैयार नहीं था। शुरुआत में इस मकान में बहुत कम लोग आते थे, लेकिन पिछले कुछ समय से प्रार्थना सभा में आने वालों की संख्या अचानक काफी बढ़ गई थी, जिससे आसपास के लोगों में भी संदेह बढ़ रहा था।
हिंदू संगठनों की शिकायत पर हुई कार्यवाही
इलाके में लंबे समय से चल रही इस संदिग्ध गतिविधि की भनक जब हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को लगी, तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की। शिकायत मिलते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आया और पुलिस बल के साथ मौके पर छापेमारी कर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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