#सीतापुर: मानव तस्करी और बच्चा चोरी के बड़े गिरोह का भंडाफोड़, कथित डॉक्टर संजय विश्वास समेत कई गिरफ्तार

मानव तस्करी में कथित डॉक्टर सहित तीन आरोपी गिरफ्तार, गिरोह का नेटवर्क अंतरजनपदीय

सीतापुर(उत्तर प्रदेश):बरेली के मनौना धाम से बालक के गायब होने के मामले में पकड़े गए उरदौली के कथित बंगाली डॉक्टर संजय विश्वास का अवैध गतिविधियों से पुराना नाता रहा है। बरेली और मनौना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस शातिर मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में संजय विश्वास समेत तीन लोगों को महोली से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि कुल छह आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है।
              (आरोपी संजय कुमार विश्वास)
 अस्पताल में होता था घिनौना काम
सूत्रों के अनुसार संजय और स्वपन विश्वास उरदौली में क्लिनिक चलाते हैं। संजय विश्वास मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और पिछले कई वर्षों से महोली क्षेत्र में अवैध रूप से 'स्वर्ण लता मेमोरियल हॉस्पिटल' का संचालन कर रहा था। आरोप है कि वह अपने अस्पताल में अवैध तरीके से गर्भपात का घिनौना काम करता है। इसके अलावा, ये दोनों भाई जमीन के कारोबार में भी परोक्ष रूप से शामिल रहते हैं।
बच्चा चोरी और मानव तस्करी का काला खेल
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के तार सीतापुर, लखीमपुर खीरी और बदायूं जिलों से जुड़े पाए गए हैं। यह गिरोह विभिन्न धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से छोटे बच्चों को अगवा करता था और फिर उन्हें निस्संतान दंपतियों या अन्य खरीदारों को 5 लाख रुपये तक की मोटी रकम में बेच देता था। इस गिरोह की मास्टरमाइंड 'सीता' नाम की एक महिला है, जिसे पुलिस ने संजय विश्वास और केशवराम के साथ धर दबोचा।
लग्जरी गाड़ियों से आधी रात का रहस्य
संजय की गिरफ्तारी के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। दबी जुबान में लोग बताते हैं कि संजय के घर और क्लिनिक पर देर रात लग्जरी गाड़ियों से अनजान लोग आते थे। ये लोग दो-तीन घंटे रुकने के बाद सुबह होने से पहले ही वहां से चले जाते थे। इसके अतिरिक्त, 20 मई को लखनऊ में पकड़े गए एक बांग्लादेशी नागरिक के फर्जी दस्तावेजों में भी संजय और उसके भाई स्वपन की भूमिका सामने आई थी, जहां उन्होंने अपने घर के पते पर बांग्लादेशी नागरिक के फर्जी आधार और निवास प्रमाण पत्र बनवाए थे।

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