सीतापुर(उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के सीतापुर में पुलिसिया उत्पीड़न और न्याय न मिलने से आहत एक मां ने मंगलवार को आत्मघाती कदम उठा लिया। शहर के ईओ आवास परिसर स्थित पानी की टंकी पर एक महिला अचानक चढ़ गई, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। करीब दो घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद, अधिकारियों के लिखित और मौखिक आश्वासन पर महिला सुरक्षित नीचे उतरी। तब जाकर पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली।
टंकी पर चढ़ी महिला, मचा हड़कंप
मंगलवार सुबह शहर के ईओ आवास परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब परशुराम मंदिर के पास स्थित पानी की टंकी पर एक महिला को लोगों ने चढ़ते देखा। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही महकमे में खलबली मच गई। आनन-फानन में भारी पुलिस बल और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और लाउडस्पीकर के जरिए महिला से नीचे आने की मिन्नतें करने लगे, लेकिन महिला अपनी मांग पर अड़ी रही।
दबंगों से साठगांठ और उल्टी कार्रवाई का आरोप
अधिकारियों के पूछने पर महिला ने रोते हुए पुलिस सिस्टम की जो हकीकत बयां की, उसने खाकी को कटघरे में खड़ा कर दिया। पीड़ित मां ने आरोप लगाया कि शहर का ही एक दबंग युवक उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। जब वह न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंची, तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से साफ मना कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने उल्टा आरोपियों से साठगांठ कर पीड़िता के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर दिया। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने यह कदम उठाया।
अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद मानी
नीचे खड़े अधिकारी लगातार महिला को मनाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह निष्पक्ष कार्रवाई की मांग पर अड़ी रही। स्थिति बिगड़ती देख आला अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ तत्काल सख्त कदम उठाने का ठोस भरोसा दिया। महिला पर दर्ज मुकदमे की दोबारा जांच कराने के लिखित व मौखिक आश्वासन के बाद आखिरकार करीब दो घंटे बाद महिला नीचे उतरने को राजी हुई। पुलिस ने राहत की सांस लेते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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