सीतापुर में भव्य तरीके से मनाई गई भामाशाह जयंती; कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने कहा, व्यापारियों की ईमानदारी ही देश की प्रगति का आधार
सीतापुर(उत्तर प्रदेश):जनपद में दानवीर भामाशाह की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनके त्याग और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया गया। मुख्य अतिथि कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने कहा कि भामाशाह ने अपना संपूर्ण धन राष्ट्र की रक्षा के लिए समर्पित कर जो मिसाल कायम की, वह आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
राष्ट्रभक्ति और त्याग के प्रतीक थे भामाशाह
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व भामाशाह के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भामाशाह ने संकट की घड़ी में महाराणा प्रताप का सहयोग कर अद्वितीय राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया था। उन्होंने कहा कि भामाशाह का जीवन हमें मातृभूमि के प्रति समर्पण और निस्वार्थ सेवा की सीख देता है। आज के समय में व्यापारी वर्ग राष्ट्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और ईमानदारी से कर भुगतान करना ही सच्ची राष्ट्र सेवा है।
जीएसटी के प्रावधानों पर हुई विस्तृत चर्चा
समारोह के दौरान जीएसटी विभाग की ओर से एक विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। एडिशनल कमिश्नर जीएसटी रमेश चंद्र दुबे एवं कार्यपालक वी.पी. सिंह ने व्यापारियों को जीएसटी के नवीनतम प्रावधानों और सरल कर प्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जीएसटी व्यवस्था व्यापार को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने का सशक्त माध्यम है। अधिकारियों ने व्यापारियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए समय पर कर भुगतान करने के लाभ भी गिनाए।
प्रशासन का व्यापारियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा
अपर जिलाधिकारी आयुष चौधरी ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन व्यापारिक वातावरण को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने व्यापारियों से आह्वान किया कि वे शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं और नियमों का पालन कर विकास में भागीदारी सुनिश्चित करें। अंत में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में व्यापारियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने सहभागिता की।
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