#सीतापुर:रजिस्टर से नंबर निकाल जिलाधिकारी ने खुद फरियादी से जानी शिकायत की हकीकत.

सीतापुर(उत्तर प्रदेश):सीतापुर जिले में प्रशासनिक अमले को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी  डा0 राजागणपति आर0 अचानक महोली नगर पंचायत के दफ्तर पहुंच गए। इस औचक निरीक्षण के दौरान डीएम ने न सिर्फ दफ्तर के काम-काज को देखा, बल्कि जनसुनवाई रजिस्टर में दर्ज एक शिकायतकर्ता को खुद अपने सामने फोन मिलाकर निस्तारण की जमीनी हकीकत जानी। उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर लटके मामलों को लेकर अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि शिकायतों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ होना चाहिए।
 'प्रमाण-पत्रों में देरी बर्दाश्त नहीं'
 जिलाधिकारी जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र पटल पर पहुंचे। वहां काम की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित बाबू को कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि किसी भी आम नागरिक का आवेदन बेवजह दबाकर न रखा जाए। उन्होंने साफ कहा कि लोगों को परेशान करने के बजाय जल्द से जल्द उनके प्रमाण-पत्र जारी किए जाएं। इसके बाद उन्होंने दाखिल-खारिज से जुड़े अहम दस्तावेजों और सरकारी रजिस्टरों की भी गहन जांच की।
गाड़ियों की लॉगबुक और हाउस टैक्स का हिसाब
निरीक्षण के दौरान सरकारी संसाधनों के सही इस्तेमाल पर भी डीएम की नजर रही। जल-कल विभाग के काउंटर पर पहुंचकर उन्होंने नगर पंचायत की गाड़ियों की लॉगबुक का मिलान किया। उन्होंने पटल बाबू से क्षेत्र में हाउस टैक्स की वसूली और बकाया राजस्व की जानकारी मांगी। इसके साथ ही उन्होंने अधिशासी अधिकारी से वार्डों में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की मौजूदा संख्या और उनके रूट की भी पूछताछ की।
 विकास कार्यों का जमीनी सच
कागजी फाइलों को देखने के बाद जिलाधिकारी सिर्फ दफ्तर तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने फील्ड में जाकर विकास कार्यों का मुआयना किया। निर्माणाधीन गौशाला और आरसीसी सड़कों के दस्तावेज देखने के बाद 'बंधन योजना' के तहत बनाई गई नई सड़क का भौतिक सत्यापन करने मौके पर पहुंचे। डीएम ने ईओ को सभी वार्डों में साफ-सफाई की मुकम्मल व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी। इस पूरे निरीक्षण के दौरान महोली नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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