# सीतापुर:विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र बनेगा नैमिषारण्य धाम, समयसीमा में कार्य पूरे करने के निर्देश.

सीतापुर(उत्तर प्रदेश):विश्व प्रसिद्ध पौराणिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल नैमिषारण्य धाम के समग्र विकास और श्रद्धालुओं को उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर की अध्यक्षता में नैमिषारण्य धाम तीर्थ विकास परिषद की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में तीर्थ क्षेत्र में चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा तथा स्वच्छता व्यवस्था की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में लापरवाही या मानकों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुणवत्ता से समझौता नहीं
जिलाधिकारी ने कहा कि नैमिषारण्य धाम देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इसे विश्व स्तरीय धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं। सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति दें। चक्रतीर्थ, ललिता देवी मंदिर, हनुमानगढ़ी, व्यास गद्दी और मनु-सतरूपा तपस्थली जैसे प्रमुख स्थलों के आसपास सौंदर्यीकरण, पेयजल, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुदृढ़ किया जाए।
स्वच्छता और सुदृढ़ सुरक्षा
बैठक में तीर्थ क्षेत्र की स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने नगर निकाय को नियमित सफाई और प्रभावी कूड़ा निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मेलों और प्रमुख पर्वों के दौरान यातायात को सुचारू रखने के लिए विशेष रूट प्लान और पार्किंग प्रबंधन के निर्देश दिए गए। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और विशेषकर महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के लिए विशेष प्रबंध करने को कहा गया।
ग्लोबल ब्रांडिंग और पर्यावरण
नैमिषारण्य धाम को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया। इसके लिए सूचना केंद्रों की स्थापना और डिजिटल सूचना प्रणाली विकसित की जाएगी। विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है, जिसके तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, जल संरक्षण और हरित क्षेत्र का विकास किया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा0 दीक्षा जोशी, अपर जिलाधिकारी आयुष चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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