सीतापुर(उत्तर प्रदेश): जनपद में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण को लेकर प्रशासन की सख्ती जारी है। इसी क्रम में आज जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने सिधौली विकास खण्ड के ग्राम पंचायत कसावां स्थित अस्थाई गौआश्रय स्थल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाओं और लापरवाही का अंबार देख जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर ही ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित करने और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए।
गंदगी और अव्यवस्था पर बरसे डीएम
गौआश्रय स्थल पर निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि गोवंशों के बैठने की उचित व्यवस्था नहीं थी और वहां भारी गंदगी व्याप्त थी। पीने के पानी की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। पशुओं की दयनीय हालत देखकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने केयर टेकरों से गोवंशों के आहार के बारे में पूछताछ की, जिस पर उन्हें केवल खानापूर्ति होती नजर आई।ए
अभिलेखों में हेराफेरी और उपचार में लापरवाही
निरीक्षण के दौरान गौआश्रय स्थल के रजिस्टरों की जांच की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण अभिलेख गायब मिले। जब जिलाधिकारी ने गोवंशों के उपचार की व्यवस्था के बारे में सवाल किया, तो ग्राम विकास अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। भूसा भंडारण कक्ष की स्थिति और प्रबंधन में भारी खामियां पाए जाने पर जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी की मॉनिटरिंग पर सवाल उठाते हुए उन्हें स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों और प्रधान पर सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों का गहन अवलोकन किया ताकि वास्तविक स्थिति का पता चल सके। निरीक्षण में मिली भारी अनियमितताओं के चलते उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी को तत्काल निलंबित कर दिया। इसके साथ ही, कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन न करने पर ग्राम प्रधान को नोटिस जारी करने और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा सही ढंग से मॉनिटरिंग न किए जाने पर उनसे भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
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