#सीतापुर:अन्नदाता की चौपाल: कलेक्ट्रेट में गूंजीं किसानों की समस्याएं,कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने सिखाए कीट और रोग प्रबंधन के गुर.

सीतापुर(उत्तर प्रदेश):कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को एडीएम  आयुष चौधरी की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। बैठक में किसानों और विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान कुल 18 समस्याएं दर्ज कराई गईं। एडीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने हिदायत दी कि समस्याओं के समाधान की रिपोर्ट संबंधित किसान को भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
 'ग्रो सेफ फूड' से सुरक्षित खेती का मंत्र
इससे पूर्व, कलेक्ट्रेट सभागार में 'ग्रो सेफ फूड अभियान 2.0' के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिवशंकर की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों और तकनीकी कार्मिकों को अमानक व अपंजीकृत कीटनाशी रसायनों से सावधान रहने की अपील की गई। कार्यशाला में लगभग 150 प्रतिभागियों को कृषि रक्षा से संबंधित पोस्टर और पंपलेट बांटकर कीटनाशकों के संतुलित व वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी गई।
रसायनमुक्त उत्पादन और पीपीई किट का प्रदर्शन
कृषि विज्ञान केंद्र कटिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दयाशंकर श्रीवास्तव ने किसानों को एकीकृत नाशी जीव प्रबंधन की बारीकियां समझाईं। उन्होंने शस्य, यांत्रिक और जैविक तकनीकों के जरिए कीट व रोग प्रबंधन पर जोर देते हुए रसायनमुक्त खाद्यान्न उत्पादन के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, खेतों में छिड़काव के समय बरती जाने वाली सावधानियों के तहत पीपीई किट का लाइव प्रदर्शन भी किया गया।
 खरीफ की तैयारी: बीज और भूमि शोधन पर जोर
किसान दिवस के दौरान जिला कृषि अधिकारी ने जनपद में उर्वरकों की उपलब्धता और ऑनलाइन खाद खरीद की प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं, जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसान भाइयों को फसल सुरक्षा के लिए अनिवार्य रूप से बीज एवं भूमि शोधन करने के लिए प्रेरित किया। बैठक में भूमि संरक्षण अधिकारी महोली, उद्यान अधिकारी, एफपीओ प्रतिनिधि, एग्रीजंक्शन, इफको और सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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