लखनऊ(उत्तर प्रदेश):सेवा भारती अवध प्रांत ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुँचाने के लिए एक बड़ी पहल की है। कुंडरी रकाबगंज स्थित भारत भवन प्रांतीय कार्यालय में रविवार को 'विधिक परामर्श केंद्र' और 'सरकारी जनकल्याण योजना सहायता केंद्र' का शुभारंभ किया गया। इस अनूठी पहल से अब जरूरतमंदों को कानूनी सहायता और योजनाओं का लाभ पाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
अधिवक्ताओं का पैनल करेगा निःशुल्क कानूनी मदद
सेवा भारती ने इन केंद्रों के संचालन के लिए एक विशेष टीम तैयार की है। विधिक परामर्श केंद्र के लिए 7 से 10 अनुभवी अधिवक्ताओं का एक पैनल गठित किया गया है, जो समाज के वंचित और पीड़ित लोगों को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ ही निःशुल्क परामर्श प्रदान करेंगे।
योजनाओं के आवेदन से लेकर सत्यापन तक की सुविधा
सरकारी जनकल्याण योजना सहायता केंद्र के लिए 5 सदस्यीय सहयोगी दल का गठन किया गया है। यह दल पात्र नागरिकों को सरकारी योजनाओं की सही जानकारी देने के साथ-साथ आवेदन भरने, आवश्यक दस्तावेज तैयार करने और उनके सत्यापन में पूरी मदद करेगा, ताकि लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुँच सके।
सेवा भाव और पारदर्शिता ही प्राथमिकता: युद्धवीर
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र सेवा प्रमुख युद्धवीर जी ने कहा कि सेवा भारती का ध्येय केवल सेवा कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उसका हक दिलाना है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे पूर्ण संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा करें।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर सेवा भारती अवध प्रांत के उपाध्यक्ष लालराम, प्रांत महामंत्री, रजनीश कुमार गुप्ता, विभाग के विभिन्न अधिकारी और लखनऊ पश्चिम विभाग के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
0 टिप्पणियाँ