लहरपुर,सीतापुर(उत्तर प्रदेश): चंदेसुवा गांव के निकट घघरिया नदी में एक दुर्लभ नजारा देखने को मिल रहा है। यहां पिछले तीन-चार दिनों से एक डॉल्फिन देखी जा रही है, जिसे देखने के लिए स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ रही है। राष्ट्रीय जलीय जीव डॉल्फिन के नदी में आने की सूचना मिलते ही वन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। वन कर्मियों की टीम लगातार डॉल्फिन की निगरानी कर रही है, वहीं विभाग ने इसे सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए उच्चाधिकारियों से रेस्क्यू की अनुमति मांगी है।
ग्रामीणों ने दी सूचना, सुरक्षा की बढ़ी चिंता
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले शुक्रवार को उन्होंने नदी के गहरे पानी में डॉल्फिन को कुलाचें मारते देखा। पहले तो लोग इसे कोई आम बड़ी मछली समझ रहे थे, लेकिन बाद में इसकी पहचान डॉल्फिन के रूप में हुई। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। हालांकि, डॉल्फिन की मौजूदगी से जहां एक ओर कौतूहल का माहौल है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों ने इसके शिकारियों के हत्थे चढ़ने की आशंका भी जताई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इसे जल्द से जल्द किसी सुरक्षित बड़े जलीय क्षेत्र में छोड़ा जाए।
गहरे पानी में डॉल्फिन का सुरक्षित प्रवास
सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी अभिषेक सिंह ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर घघरिया नदी के प्रवास स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि नदी के इस हिस्से में पानी काफी गहरा है, जिसके कारण डॉल्फिन फिलहाल वहां सुरक्षित रूप से प्रवास कर रही है। मौके पर तैनात वन कर्मियों को चौबीसों घंटे सजग और सचेत रहने के कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी असमाजिक तत्व या शिकारी डॉल्फिन को नुकसान न पहुंचा सके,अनुमति मिलते ही शुरू होगा रेस्क्यू ऑपरेशन।
क्या कहते हैं अधिकारी
"डॉल्फिन हमारा राष्ट्रीय जलीय जीव है, जिसकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। घघरिया नदी से उसे सुरक्षित निकालकर उसके अनुकूल बड़े प्रवास क्षेत्र जैसे घाघरा या गंगा नदी में छोड़ने के लिए उच्च अधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया जाएगा।"-वन क्षेत्राधिकारी.
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