सीतापुर(उत्तर प्रदेश): आगामी मोहर्रम पर्व एवं ताजिया जुलूस को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. और पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परंपरा के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोचिंग और व्यावसायिक संस्थानों की होगी सघन जांच
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्रों में संचालित कोचिंग सेंटरों, होटलों, लॉज और पुस्तकालयों का संयुक्त निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि जो संस्थान पंजीकरण, एनओसी या वैधानिक मानकों को पूरा नहीं करते, उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए। अग्निशमन सुरक्षा, भवन की मजबूती और आपातकालीन निकास जैसी अनिवार्य व्यवस्थाओं में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संचालक पर कड़ी कार्यवाही होगी। यह अभियान छात्रों की सुरक्षा के दृष्टिगत प्राथमिकता पर संचालित होगा।
अवैध खनन पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति
बैठक में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व, पुलिस और खनन विभाग को संयुक्त छापेमारी के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध गतिविधियों के प्रति प्रशासन की नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आई, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध सख्त विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
सोशल मीडिया पर पैनी नजर, शांति बनाए रखने की अपील
पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने कहा कि असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। उन्होंने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। भ्रामक, भड़काऊ या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट करने वालों पर तत्काल विधिक कार्यवाही की जाएगी। बैठक में धर्मगुरुओं और ताजिया कमेटी के पदाधिकारियों ने अपने सुझाव रखे। इस दौरान अपर जिलाधिकारी आयुष चौधरी सहित जिले के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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