#सीतापुर:ई-रिक्शा पंजीकरण के लिए बदला नियम: 10 दिवसीय प्रशिक्षण प्रमाणपत्र अनिवार्य, लापरवाही बरतने पर शोरूम संचालकों पर 1 लाख तक का जुर्माना.

सीतापुर(उत्तर प्रदेश): जिले में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और ई-रिक्शा संचालन में मनमानी रोकने के लिए परिवहन विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं। उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) लखनऊ द्वारा जारी नए आदेशों के तहत, अब बिना 10 दिवसीय ई-रिक्शा चालन प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं की जाएगी।
अनिवार्य हुआ 10 दिवसीय प्रशिक्षण
नए आदेशानुसार, वाहन स्वामी को पंजीकरण के समय ड्राइविंग लाइसेंस के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से 10 दिवसीय ई-रिक्शा चालन प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि प्रशिक्षण प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है, तो आवेदक को प्रशिक्षण-प्रवेश की रसीद/स्लिप के साथ अपना 'लर्निंग लाइसेंस' जमा करना होगा।
सड़क दुर्घटनाओं पर लगेगी रोक
जिले में ई-रिक्शा के कारण बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है, ताकि केवल प्रशिक्षित और वैध लाइसेंस धारक ही वाहन चलाएं। बिना स्थायी आरसी के वाहन का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और इसके उल्लंघन पर धारा 39/192 के तहत 5,000 रुपये तक का जुर्माना व प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।
शोरूम संचालकों के लिए चेतावनी
परिवहन विभाग ने शोरूम संचालकों की भी जवाबदेही तय कर दी है। डीलर को प्रत्येक बिक्री के समय वाहन स्वामी से शपथ-पत्र लेना होगा कि वे बिना स्थायी आरसी के वाहन नहीं चलाएंगे। यदि डीलर नियमों के प्रति ग्राहकों को गुमराह करते पाए गए, तो मोटर यान अधिनियम की धारा 182A(4) के तहत 1 लाख रुपये तक का जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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