महमूदाबाद,सीतापुर(उत्तर प्रदेश)। जनपद के महमूदाबाद थाना क्षेत्र में 3 जुलाई को हुई मनोज शुक्ला की हत्या का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या की मुख्य साजिशकर्ता नर्स और दो भाड़े के हत्यारों को गिरफ्तार किया है। खुलासा हुआ कि नर्स ने अपनी नौकरी बचाने के लिए 50 हजार रुपये की सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम दिया था।
नौकरी बचाने के लिए रची साजिश
फतेहपुर के न्यू हिन्द हॉस्पिटल में कार्यरत नर्स जय देवी उर्फ जया मृतक मनोज शुक्ला की हरकतों से बेहद परेशान थी। पूछताछ में सामने आया कि मनोज लगातार अस्पताल और नर्स के खिलाफ झूठी शिकायतें कर रहा था, जिससे उसकी नौकरी पर खतरा मंडरा रहा था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने मनोज को रास्ते से हटाने की साजिश रची और हत्यारों को उसकी फोटो उपलब्ध कराई।
50 हजार में तय हुआ 'सौदा'
साजिश को अंजाम देने के लिए जय देवी ने राजू नाम के युवक को 50 हजार रुपये की सुपारी दी। घटना वाली रात राजू और उसके साथी विनोद ने बरदही बाजार के पास मनोज को रोका और लाठी-डंडों से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद अभियुक्तों ने जय देवी को व्हाट्सएप पर वॉयस मैसेज भेजकर 'काम हो जाने' की पुष्टि की, जिसके बाद उसे 30 हजार रुपये का भुगतान किया गया।
मोबाइल और नकद बरामद
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर मुख्य साजिशकर्ता को नहर पटरी के पास से दबोचा, जिसकी निशानदेही पर अन्य दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त डंडे, मोटरसाइकिल, हत्या की रकम से खरीदा गया नया मोबाइल फोन और शेष 12,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। तीनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है।
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