सीतापुर(उत्तर प्रदेश): जनपद में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और मछुआरा समुदाय की आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित राज्य सेक्टर की योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित लाभार्थी चयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में सीडीओ डॉ. दीक्षा जोशी ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा की और आवेदनों के सत्यापन के बाद लाभार्थियों के चयन पर मुहर लगाई।
निषादराज बोट सब्सिडी योजना: 55 लाभार्थियों का चयन
बैठक में निषादराज बोट सब्सिडी योजना की गहन समीक्षा की गई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच के उपरांत 55 आवेदकों को पात्र पाया गया है। सीडीओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चयनित लाभार्थियों को सब्सिडी का लाभ नियमानुसार समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपनी आजीविका को और बेहतर बना सकें।
सघन मत्स्य पालन: एयरेशन सिस्टम के लिए 13 पात्र
मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही 'सघन मत्स्य पालन हेतु एयरेशन सिस्टम की स्थापना' योजना के तहत भी लाभार्थियों का चयन किया गया। समिति ने आवेदनों की पात्रता जांचने के बाद 13 मत्स्य पालकों को योजना के लिए पात्र घोषित किया। एयरेशन सिस्टम लगने से तालाबों में ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी, जिससे मछलियों की पैदावार में काफी इजाफा होगा।
समयबद्ध अनुश्रवण के निर्देश
सीडीओ डॉ. दीक्षा जोशी ने निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुँचे, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित लाभार्थियों की सूची पोर्टल पर अपडेट करने के साथ ही उनके द्वारा की जा रही गतिविधियों का समय-समय पर अनुश्रवण भी सुनिश्चित किया जाए ताकि योजना का उद्देश्य पूर्ण हो सके।
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