सीतापुर(उत्तर प्रदेश): इंडियन बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत ई-रिक्शा संचालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर प्रशिक्षण पूरा करने वाले सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सीडीओ डॉ. दीक्षा जोशी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल ही सफलता की पहली सीढ़ी है। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा संचालन का प्रशिक्षण महज एक हुनर नहीं, बल्कि स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता हासिल करने का एक सशक्त जरिया है। उन्होंने सभी सफल प्रशिक्षार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
आत्मनिर्भर भारत निर्माण का आह्वान
प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को ई-रिक्शा के तकनीकी पहलुओं, सुरक्षा मानकों और प्रबंधन के गुर सिखाए गए। सीडीओ ने प्रशिक्षार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे पूरी ईमानदारी और लगन के साथ अपना कार्य शुरू करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक युवा का स्वरोजगार से जुड़ना न केवल उनके परिवार की आय बढ़ाएगा, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण में भी एक अमूल्य योगदान साबित होगा।
इस अवसर पर बैंक के अधिकारियों और संस्थान के प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया और भविष्य में भी हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
0 टिप्पणियाँ