बिसवांसीतापुर(संवाददाता): परिवहन विभाग द्वारा बच्चों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत तहसील बिसवां में प्रशासन सख्त हो गया है। अभियान के तीसरे दिन स्कूली वाहनों की सघन जांच में कई निजी वाहन स्कूली बच्चों को ढोते हुए पाए गए, जिन पर विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है।
निजी वाहनों में ढोए जा रहे थे स्कूली बच्चे
पीटीओ एम.ए. आब्दीन ने बुधवार को तहसील क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई ऐसे निजी वाहन पकड़े गए जिनका उपयोग अवैध रूप से स्कूली वाहनों के तौर पर किया जा रहा था। एआरटीओ सर्वेश चतुर्वेदी ने बताया कि बिसवां में तीसरे दिन कुल 9 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इसमें 8 वाहनों का चालान किया गया, जबकि एक वाहन को सीज कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी वाहनों का स्कूली वाहन के रूप में प्रयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने अभिभावकों से भी सतर्क रहने और अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति सहयोग करने की अपील की है।
8 जुलाई से होगी सख्त प्रवर्तन कार्रवाई
एआरटीओ ने बताया कि यह विशेष अभियान 1 जुलाई से 15 जुलाई तक जारी रहेगा। प्रथम चरण के तहत 7 जुलाई तक का समय विद्यालय संचालकों को दिया गया है ताकि वे फिटनेस, परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों को दुरुस्त करवा सकें। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 8 जुलाई के बाद भी नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विद्यालय प्रबंधकों से समय रहते अपनी खामियों को दूर करने की अपील की है।
मान्यता रद्द करने की चेतावनी
एआरटीओ ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कार्रवाई करना नहीं, बल्कि विद्यालय प्रबंधन को नियमों के प्रति जागरूक करना और बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि विद्यालयों द्वारा लगातार लापरवाही बरती गई, तो उनके खिलाफ कठोर कदम उठाते हुए मान्यता खत्म करने की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।
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