सीतापुर(उत्तर प्रदेश): 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत परिवहन विभाग की टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों के आसपास ताबड़तोड़ छापेमारी की। दूसरे दिन की कार्रवाई में निजी वाहनों का स्कूली वाहन के रूप में अवैध संचालन पकड़े जाने पर हड़कंप मच गया। एआरटीओ सर्वेश चतुर्वेदी ने बताया कि मिश्रिख-रामकोट मार्ग पर 4 वाहनों का चालान किया गया और 3 वाहनों को सीज किया गया है।
8 जुलाई के बाद होगा सख्त एक्शन
एआरटीओ ने बताया कि यह अभियान 1 से 15 जुलाई तक चलेगा। विद्यालय संचालकों को 7 जुलाई तक फिटनेस, परमिट और अन्य दस्तावेज दुरुस्त करने का अंतिम मौका दिया गया है। 8 जुलाई से नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी राजा गणपति आर. जल्द ही अभियान की समीक्षा के लिए बैठक करेंगे।
निरीक्षण में सामने आई खामियां
जनपद में 706 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। अब तक 697 वाहनों की जांच में 19 अनफिट मिले, जबकि 34 के पास परमिट ही नहीं था। 9 वाहनों का पंजीकरण निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा 15 वर्ष की आयु पूरी कर चुके एक वाहन को जब्त करने की तैयारी है। सभी स्कूल वाहन 'निगरानी पोर्टल' से जुड़े हैं।
क्षेत्रवार टीमें तैनात, मान्यता रद्द की चेतावनी
अभियान के लिए हर तहसील में टीमें गठित की गई हैं। इसमें पीटीओ एम. ए. आब्दीन सिधौली, आरआई संजय कुमार लहरपुर, अनिल सागर बिसवां, अंशुमान सिंह तोमर व रवि सीतापुर, रोहित यादव महोली, संदीप गुप्ता महमूदाबाद और मयंक सिंह मिश्रिख को जिम्मेदारी दी गई है। एआरटीओ ने संचालकों को चेताया कि लापरवाही मिलने पर विद्यालयों की मान्यता रद्द करने की संस्तुति की जाएगी।
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