#सीतापुर: जिले के बुनकरों के कौशल को निखारने और उन्हें वैश्विक बाजार के अनुरूप तैयार करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित 'एक जनपद एक उत्पाद' सामान्य सुविधा केंद्र की बैठक में बुनकरों के भविष्य को लेकर अहम निर्णय लिए गए।
दरी निर्माण में नवाचार पर रहेगा जोर
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु सीतापुर के बुनकरों को निफ्ट रायबरेली तथा आईआईएफटी कोलकाता के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिलाना रहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस प्रशिक्षण का प्राथमिक उद्देश्य बुनकरों के दरी निर्माण कौशल का विकास करना है। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से बुनकर अपने पारंपरिक काम में नई तकनीकों और नवाचार को जोड़ सकेंगे, जिससे उनके उत्पादों की मांग न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बढ़ेगी।
बायर-सेलर मीट की तैयारियों को मिली गति
प्रशिक्षण के साथ-साथ बैठक में आगामी बायर-सेलर मीट के आयोजन को लेकर भी रूपरेखा तैयार की गई। यह महत्वपूर्ण आयोजन सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में प्रस्तावित है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस मीट के जरिए बुनकरों को सीधे बड़े खरीदारों से जुड़ने का मौका मिले, ताकि उन्हें उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके और जनपद की 'दरी' की पहचान और अधिक मजबूत हो।
प्रमुख अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए विभागीय अधिकारियों ने मंथन किया। इस दौरान उपायुक्त उद्योग करुणा राय, डिप्टी एलडीएम प्रीति पांडेय, जोनल कंसलटेंट निहारिका सिंह, हथकरघा इंस्पेक्टर सच्चिदानंद पांडे के साथ ही सीएफसी के अध्यक्ष, सचिव एवं सभी सदस्य उपस्थित रहे।
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