#सीतापुर में 'मिशन सेफ फ्यूचर' का आगाज: स्कूली वाहनों की सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग ने कसी कमर, 8 जुलाई से होगी कार्रवाई.

सीतापुर(उत्तर प्रदेश):बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुँचाने के लिए परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। जिले में 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान का आगाज हो गया है। 1 से 15 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के तहत स्कूल वाहनों की सघन जांच की जाएगी। 8 जुलाई से नियमों को ताक पर रखने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ विभाग ताबड़तोड़ कार्रवाई करेगा।
 एक से सात जुलाई तक सुधार का मौका
परिवहन विभाग ने स्कूल संचालकों को राहत देते हुए 1 से 7 जुलाई तक का समय दिया है। इस दौरान संचालक अपने वाहनों की फिटनेस, परमिट और अन्य जरूरी कागजात दुरुस्त करा सकते हैं। इसके बाद प्रवर्तन कार्रवाई शुरू होगी। एआरटीओ सर्वेश चतुर्वेदी ने बताया कि अभियान की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी  डॉ राजा गणपति आर. की अध्यक्षता में जल्द ही बैठक होगी।
तहसीलों में टीमें तैनात, बढ़ी सक्रियता
जिले में कुल 706 पंजीकृत स्कूल वाहन हैं, जो 171 विद्यालयों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। जांच के लिए हर तहसील में टीमें बनाई गई हैं। सिधौली में पीटीओ एम.ए. आब्दीन, लहरपुर में आर.आई. संजय कुमार, बिसवां में अनिल सागर, सीतापुर में अंशुमान सिंह तोमर व रवि, महोली में रोहित यादव, महमूदाबाद में संदीप गुप्ता और मिश्रिख में मयंक सिंह को जिम्मेदारी दी गई है।
26 वाहन अनफिट, मान्यता रद्द होने का खतरा
विभाग द्वारा अब तक 697 वाहनों की जांच की जा चुकी है, जिसमें खामियां मिलने पर हड़कंप मच गया है। 26 वाहन फिटनेस मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं, जबकि 34 के पास वैध परमिट नहीं है। 9 वाहनों का पंजीकरण निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और 15 साल पुराने एक वाहन पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। एआरटीओ ने चेतावनी दी है कि यदि स्कूल प्रबंधन ने लापरवाही बरती, तो विद्यालय की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की जाएगी। 

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