‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से गुंजायमान हुआ शहर, देव देवेश्वर में संपन्न हुआ विसर्जन.

नीम करोली बाबा और शिव बारात की झांकियों ने बांधा समां; घंटाघर पर आतिशबाजी व नई बस्ती में मटकी फोड़ के साथ निकली विसर्जन यात्रा.

सीतापुर(संवाददाता):नगर के ऐतिहासिक लालबाग पार्क में जारी ‘लालबाग के राजा’ गणेश महोत्सव में आस्था और लोक-संस्कृति का अनूठा रंग देखने को मिला। गुरुवार रात लालबाग के राजा की भव्य महाआरती और सांस्कृतिक निशा का आयोजन श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। ललिता देवी मंदिर के प्रधान पुजारी गोपाल शास्त्री, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अचिन मल्होत्रा और वरिष्ठ पत्रकार राजीव गुप्ता ने बतौर मुख्य यजमान विघ्नहर्ता की आरती उतारी। वहीं शुक्रवार को दिनभर हुई तेज बारिश के बीच जयघोष करते हुए भक्तों ने नगर भ्रमण के बाद तीर्थ नैमिषारण्य के देव देवेश्वर धाम में प्रतिमा का विसर्जन किया।

कपिल बावरा के दल ने सजीव कीं पौराणिक कथाएं.सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखंड से आए विख्यात कलाकार कपिल बावरा और उनकी नाट्य मंडली ने नीम करोली बाबा के जीवन-प्रसंगों सहित कई पौराणिक आख्यानों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। भगवान शिव के विवाह और भूत-पिशाचों के संग निकली बारात के सजीव मंचन ने पंडाल में मौजूद चार हजार से अधिक श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर समिति द्वारा उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पदाधिकारियों, 30 प्रमुख यूट्यूबर्स तथा पत्रकार अविनाश दीक्षित, इरफान गाजी, उदय प्रकाश सिंह व नितीश श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। दोपहर एक बजे कन्या पूजन के साथ शुरू हुआ महाभंडारा देर रात तक चला, जिसमें 5,000 से अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

मूसलाधार बारिश में भी नहीं डिगी आस्था, जगह-जगह पुष्पवर्षा.शुक्रवार को लालबाग के राजा की विसर्जन शोभायात्रा पूरे वैभव के साथ निकाली गई। लगातार होती बारिश भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक सकी। ढोल-नगाड़ों की गूंज, सजे-धजे रथ, घोड़ों और आकर्षण का केंद्र बने कृत्रिम गोरिल्ला व लोमड़ी के साथ निकली यात्रा का नागरिकों ने छतों व दरवाजों से पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया। नई बस्ती क्षेत्र में मटकी फोड़ का पारंपरिक आयोजन हुआ, जबकि लालबाग घंटाघर पर लगभग आधे घंटे तक चली रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने जनमानस को अचंभित कर दिया।

देव देवेश्वर तीर्थ पर नम आंखों से विदा हुए विघ्नहर्ता.नगर भ्रमण के दौरान रास्ते भर श्रद्धालुओं में महाप्रसाद का वितरण चलता रहा। भीगते हुए भी भक्त 'गणपति बप्पा मोरया' के नारों के साथ पारंपरिक धुनों पर झूमते रहे। अंततः शोभायात्रा पवित्र तीर्थ नैमिषारण्य स्थित देव देवेश्वर पहुंची, जहां विधि-विधान व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमा को जल में प्रवाहित किया गया।

महोत्सव को अनुशासित ढंग से संपन्न कराने में समिति अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद रस्तोगी 'पालू', संरक्षक गप्पू रस्तोगी, कोषाध्यक्ष अजय जाधव, मंत्री सुधीर पाण्डेय, अंकुर, राज, दयाशंकर, संजू, रोहित, शिवम, शुभम रस्तोगी, शुभम शुक्ला, पिंटू रस्तोगी, अनिमेष सेठ और मनीष पाठक परिवार सहित समस्त कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।

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