हरदोई/सीतापुर(उत्तर प्रदेश): जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बाल संप्रेक्षण गृह हरदोई का मासिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जनपद न्यायाधीश ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए व्यवस्थाओं का जायजा लिया, वहीं मौके पर पहुंची टीम ने किशोरों से संवाद कर उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
किशोरों को बताए संविधान प्रदत्त मौलिक कर्तव्य
निरीक्षण दल ने बाल संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध सीतापुर के 19 किशोर अपचारियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान टीम ने किशोरों को भारतीय संविधान में वर्णित 11 मौलिक कर्तव्यों की विस्तृत जानकारी दी। किशोरों ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें नियमित रूप से शिक्षा दी जा रही है। साथ ही, प्रतिदिन सुबह पीटी-योगा और शाम के समय खेल व मेडिटेशन जैसी गतिविधियां कराई जा रही हैं।
चिकित्सीय जांच और भोजन व्यवस्था का लिया जायजा
टीम ने संप्रेक्षण गृह की स्वास्थ्य सुविधाओं की पड़ताल की, जिसमें किशोरों ने बताया कि उनकी नियमित चिकित्सीय जांच होती है। इसके बाद अधिकारियों ने रसोई घर और स्टोर रूम का निरीक्षण किया। वहां छोला, बरी, पोहा और विभिन्न प्रकार की दालें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध मिलीं बताया गया कि हर महीने की 25 तारीख को राशन मिल जाता है।
साफ-सफाई पर जताई संतोष
निरीक्षण के दौरान संप्रेक्षण गृह के कक्षों व परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। किशोरों ने किसी भी प्रकार की समस्या से इनकार किया। इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश ई.सी. एक्ट शैलेन्द्र कुमार वर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलोक यादव, अपर सिविल जज विजय भान, किशोर न्याय बोर्ड की पीठासीन अधिकारी नीतिका महाजन व सदस्य वन्दना वैश्य मौजूद रहीं।
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